LUCENT GK-केसे हुआ भारत पर अरब आक्रमण

आए  जानते हे भारत पर अरब आक्रमण कब ओर केसे हुआ

भारत और अरब के बीच प्राचीन काल से ही व्यापारिक सम्बन्ध रहे है। सातवीं सदी से पूर्व भारत और अरब के मध्य व्यापार भारत के पश्चिमी समुद्र तटों से होता था।अरबों का सातवीं शताब्दी में अचानक तथा आश्चर्यजनक रूप से एक महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में आर्विभाव हुआ और फिर इन्होंने भारत ही नहीं विश्व के अन्य देशों पर भी अधिकार कर लिया।भारत पर अरबों का आक्रमण कैसे हुआ

 

 

  • अरबों के भारत-आक्रमण की जानकारी 9वीं शताब्दी के बिलादूरी कृत ‘किताब – फुतूल-अल बलदान’ में मिलती है। अली कोफी ने 1216 ई. में लिखी गई एक अन्य पुस्तक ‘चचनामा’ जो फारसी भाषा में लिखी गई है (अरबी का फारसी अनुवाद) में भी अरबों के आक्रमण की पर्याप्त जानकारी मिलती है।अरब पहले मुसलमान आक्रमणकारी थे जिन्होंने भारत पर आक्रमण किया। मकरान के मरुप्रदेश के समतली मार्ग से ही वे सिन्ध में प्रविष्ट हुए ।
  • 712 ई. में मुहम्मद बिन कासिम ने सिन्ध पर सफल आक्रमण किया। सर्वप्रथम उसने रावर के युद्ध के बाद थट्टा के पास स्थित देवल बन्दरगाह को अपने अधीन करना चाहा।अरबों के विरुद्ध भारतीयों की असफलता का कारण सिन्ध के शासक दाहिर की अदूरदर्शिता थी ।
  • अरबों ने भारतीय जनजीवन को काफी प्रभावित किया और स्वयं भी प्रभावित हुए। अरबों ने चिकित्सा, दर्शन शास्त्र, नक्षत्र विज्ञान, गणित और शासन प्रबन्ध की शिक्षा भारतीयों से प्राप्त की ।मंसूर के समय (753-774 ई.) में अरब विद्वान भारत से बगदाद अपने साथ दो पुस्तकें लेकर गये-ब्रह्मगुप्त का ब्रह्म सिद्धान्त तथा खण्डखाद्य । अलफजारी ने अरबी में इन पुस्तकों का अनुवाद किया। पंचतंत्र का अनुवाद अरबी भाषा में कलिला व दिम्ना नाम से हुआ जिनका उल्लेख अलबरूनी ने किया है।
  • ‘अरबों ने सिंध में ऊँट पालन तथा खजूर की खेती का प्रचलन किया। अरबों ने ‘दिरहम’ नामक सिक्के का सिंध में प्रचलन करवाया।अरब आक्रमणकारी मुहम्मद बिन कासिम ने सिंधवासियों से पहली बार ‘जजिया’ नामक कर वसूल किया।

तुर्क आक्रमण भारत मे केसे हुआ

तुर्की आक्रमण भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना थी जिसने 29 11 2 अरबों के अधूरे कार्य को पूरा किया। इन आक्रमणों ने अपने व्यापक प्रभाव से सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक एवं धार्मिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय परिवर्तन किये।पैगम्बर मुहम्मदके बाद इस्लाम के खलीफा क्रमशः अबुबक्र उमर(अमीर उलमुमीनिन), उस्मान तथा अली थे।

कुरान में खलीफा शब्द प्रतिनिधि के रूप में प्रयुक्त हुआ है अतः खलीफा को पृथ्वी पर खुदा का प्रतिनिधि माना गया है।

● खलीफाओं की प्रारम्भिक राजधानी एवं केन्द्र मदीना थी। उमय्या वंश के शासक याजिद के समय राजधानी मदीना से दमिश्क हो गई। कालान्तर में अब्यासी खलीफाओं ने अपनी राजधानी बगदाद बनाई। यामिनी वंश के संस्थापक अलप्तगीन था उसने गजनी को अपनी राजधानी बनाया।

ॐ अलप्तगीन का पुत्र सुबुक्तगीन प्रथम तुर्की शासक था जिसने भारत पर (हिन्दूशाही शासक जयपाल के राज्य पर आक्रमण किया ।हैनरी इलियटसुबुक्तगीन की विजयों से उत्साहित होकर महमूद गजनवी ने 1001 ई. से 1027 ई. तक भारत पर 17 बाने आक्रमण किया।।

● इतिहासकारों ने मुस्लिम इतिहास में महमूद गजनवी को सर्वप्रथम सुल्तान माना है। यद्यपि उसके सिक्कों पर सिर्फ ‘अमीर महमूद’ / अंकित किया गया है। भगदाद के खलीफा अल कादिर बिल्लाह ने उसे यमीन-उद्दौला तथा आमीन-उल-मिल्लाह की उपाधियाँ प्रदानकी।

● इतिहासकार जाफर के अनुसार महमूद गजनवी का उद्देश्य भारत मेंइस्लाम धर्म का प्रचार नहीं बल्कि धन लूटना था। जबकि महमूद के दरबारी इतिहासकार उतनी ने उसके आक्रमणों का मूल उद्देश्य इस्लाम का प्रसार (जिहाद) और बुतपरश्ती (मूर्ति पूजा) को समाप्त करना था।

भारत के पंजाब एवं मुल्तान पर तुर्की का स्थायी अधिकार 

  • महमूद के आक्रमण के समय मुल्तान एवं सिन्ध में मुस्लिम राज्य तथा उत्तर-पश्चिमी भाग में हिन्दूशाही राज्य था जिसका शासक जयपाल था। कश्मीर में भी ब्राह्मण वंश का राज्य था । वहाँ की शासिका रानी दिदा थी। कन्नौज में प्रतिहार वंश का शासक राज्यपाल था। बंगाल में पाल वंश का समकालीन शासक महिपाल प्रथम था। महमूद का प्रथम महत्वपूर्ण आक्रमण 1001 ई. में हिन्दूशाही शासक जयपाल पर हुआ। इस युद्ध में महमूद की विजय हुई। ।
  • महमूद का दूसरा महत्वपूर्ण आक्रमण मुल्तान पर 1004-05 ई. में हुआ वहाँ शिया सम्प्रदायी करमाथियों का शासक अब्दुल फतह दाऊद था। महमूद का सर्वाधिक उल्लेखनीय आक्रमण गुजरात में समुद्र तट पर स्थित सोमनाथ या सोमेश्वर के मंदिर (1025 ई.) पर था। उस समय वहाँ का शासक भीम प्रथम था।पंजाब में महमूद ने प्रत्यक्ष शासन स्थापित किया जिससे दूर स्थित प्रांतों की विजय के लिए भारत में एक सैनिक की आवश्यकता पूरी हो सके। उसने भारत में एक सेना गठित की तथा उसकी कमान तिलक नामक हिन्दू के हाथ में सौंपी।

महमूद गजनवी का दरबार के बारे मे 

 

  •  महमूद के दरबार में अल्बरूनी, फिरदौसी, उतबी, उजारी, तुसी,शाह-ए-नामा मूर्तिभूमकअल्बरूनी के आक्रमण महमूद पुस्तक किताबुल हिन्द तत्कालीन इतिहास का महत्वपूर्ण स्रोत है। 12वीं शताब्दी के मध्य में गोरी वंश का उदय हुआ गौर साम्राज्य का आधार उत्तर-पश्चिम अफगानिस्तान था। आरम्भ में गौर साम्राज्य गजनीके समय भारत आया।

 

  • “गौर वंश में शंसबनी प्रमुख राजवंश था। मुहम्मद गौरी इसी वंश से था। मुहम्मद गौरी का प्रथम आक्रमण 1175 ई. में पर करमाथी जाति के (मुसलमान शासक) शासक थे। 1178 ई. में गौरी ने गुजरात पर आक्रमण किया किन्तु मूलराज द्वितीय ने उसे आबू पर्वत की तलहटी में पराजित किया

भारत में यह मुहम्मद गौरी की पहली पराजय 

  • पंजाब में उस समय गजनी राजवंश का शासन था। 1186 ई. में गौरी ने छल से खुसरव । को कैद कर लिया तथा सम्पूर्ण पंजाब पर अपना अधिकार स्थापित किया।”तराइन के प्रथम युद्ध (1191 ई.) में दिल्ली के शासक पृथ्वीराज चौहान ने गौरी को परास्त किया किन्तु पुनः तराइन के दूसरे युद्ध (1192 ई.) में मुहम्मद गौरी से पराजित हुआ।
  • ‘तराइन के दूसरे युद्ध के पश्चात भारत में तुर्की राज्य की स्थापना हुई। तराइन की दूसरी लड़ाई भारतीय इतिहास की एक निर्णायक लड़ाई थी क्योंकि उस समय चौहानों का राज्य उत्तरी भारत का प्रमुख राज्य था, जिसकी हार ने उत्तरी भारत में तुर्कों की सत्ता की स्थापना को लगभग तय कर दिया।
  • 1194 ई. में मुहम्मद गौरी ने कन्नौज के शासक जयचन्द पर आक्रमण कर चन्दावर के में उसे पराजित किया। युद्ध1206 ई. में गौरी की मृत्यु के बाद ऐबक ने भारत में गुलाम वंश की नींव डाली।मुहम्मद गौरी के सिक्कों पर एक ओर कलिमा खुदा रहता था तथा दूसरी ओर लक्ष्मी की आकृति अंकित रहती थी।

 

बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर

1. गजनी का वह प्रथम शासक कौन था जो खलीफाओं से ‘सुल्तान’ की उपाधि धारण ग्रहण कर सुल्तान कहलाने वाला प्रथम शासक बना ?

(A) सुबुक्तगीन

(B) मुहम्मद गौरी

(C) महमूद गजनवी

(D) अलप्तगीन

2. महमूद गजनवी के सभी आक्रमणों (1001 ई. से 1026 ई. के बीच) में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण आक्रमण कौन सा था ?

(A) मुल्तान भटिंडा पर आक्रमण (1004)

(B) नारायणपुर पर आक्रमण (1002) (C) सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण (1025-26)

(D) कालिंजर पर आक्रमण (1019-23)

3. महमूद गजनवी के भारत पर आक्रमण का उद्देश्य क्या था?

(A) इस्लाम का प्रचार

(B) गजनी साम्राज्य का विस्तार

(C) मूर्तियों को तोड़ना एवं मंदिरों को लूटना

(D) मध्य एशिया में एक बड़े साम्राज्य की स्थापना के लिए धन प्राप्त करना

4. महमूद गजनवी के भारत पर आक्रमण के समय भारत आये विद्वान अलबरूनी ने किस महत्त्वपूर्ण ग्रंथ की रचना की?

(A) किताब-उल-खिराज

(C) किताब-उल-रेहला

(B) किताब-उल-हिन्द

5. दिल्ली सल्तनत की दरबारी भाषा थी-

(A) उर्दू

(B) फारसी

(D) इनमें से सभी

(D) अरबी

(C) हिन्दी

6. निम्नलिखित में से वह दिल्ली का सुल्तान कौन था जिसकी मृत्यु

‘चौगान’ (पोलो) खेलते हुए हुई थी?

(A) कुतुबुद्दीन ऐबक

(C) फिरोजशाह तुगलक

(B) अलाउद्दीन खिलजी

(D) गयासुद्दीन तुगलक

7. कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद का निर्माण किसके द्वारा किया

गया था?

(A) कुतुबुद्दीन ऐबक (C) इल्तुतमिश

(B) अलाउद्दीन खिलजी

(D) मोहम्मद आदिलशाह

8. तराइन की पहली लड़ाई (1191 ई.) निम्नलिखित में से किनके बीच हुई थी?

(A) अलाउद्दीन खिलजी और पृथ्वीराज चौहान

(B) मुहम्मद गौरी और पृथ्वीराज चौहान

(C) महमूद गजनवी और पृथ्वीराज चौहान

(D) मुहम्मद शाह और पृथ्वीराज चौहान

9. तराइन के द्वितीय युद्ध में किसने किसको पराजित किया? (A) पृथ्वीराज ने मुहम्मद गौरी को (B) महमूद गजनवी ने पृथ्वीराज को (C) पृथ्वीराज ने महमूद गजनवी को (D) मुहम्मद गौरी ने पृथ्वीराज को

10. भारत पर प्रथम तुर्क आक्रमण करने वाला था-

(A) महमूद गजनवी

(C) चंगेज खाँ

11. निम्नलिखित में से कौन अपने को ‘बुतशिकन’ (मूर्तिभंजक) कहता था?

(A) महमूद गजनवी

(C) कुतुबुद्दीन ऐबक

(B) मुहम्मद गोरी

(D) तैमूर लंग

12. महमूद गजनवी ने कौनसी उपाधियाँ धारण की?

(A) वामिन-उद्-दौला (साम्राज्य का दाहिना हाथ ) (B) अमीन-उल-मिल्लत (मुसलमानों का संरक्षक) (C) A और B दोनों

(D) इनमें से कोई नहीं

13. महमूद गजनवी ने भारत में प्रथम आक्रमण किस राज्य के विरुद्ध किया?

(A) हिन्दूसाही / ब्राह्मणसाही

(B) अलवर

(C) काठियावाड़ के सोलंकी (D) इनमें से कोई नहीं

14. हिन्दुसाही राज्य की राजधानी थी—

(A) उदभाण्डपुर/ ओहिन्द/वैहिन्द (B) कालिंजर

(C) अजमेर

(D) इनमें से कोई नहीं

15. महमूद गजनवी का भारत में अंतिम आक्रमण किसके विरुद्ध हुआ? (A) तोमर (B) प्रतिहार (C) सोलंकी

(D) जाट

16. हिन्दूसाही राज्य के किस शासक ने तुर्कों से बार-बार पराजित होने के कारण ग्लानिवश आत्मदाह कर लिया?

(A) जयपाल

(B) आनंदपाल

(C) त्रिलोपन पाल

(D) भीमपाल

 

17. महमूद गजनी किस वंश का था?

(A) यामिनी (B) गुलाम

(C) खलजी

(D) तुगलक

18. महमूद गजनवी के साथ भारत आने वाले इतिहासकारों में कौन

शामिल नहीं था?

(A) ‘शाहनामा’ का लेखक फिरदौसी

(B) ‘किताब-उल-हिन्द’ का लेखक अलबरूनी

(C) ‘तारीख-ए- यामिनी’ का लेखक उत्बी, बैहाकी

(D) ‘तारीख-ए-सुबुक्तगीन’ का लेखक

19. महमूद गजनवी के आक्रमण के परिणामस्वरूप कौनसा शहर

फारसी संस्कृति का केन्द्र बन गया?

(A) लाहौर

(C) दौलताबाद

(B) दिल्ली

(D) इनमें से कोई नहीं

20. पंजाब के हिन्दूसाही राजवंश को किसने स्थापित किया?

(B) कल्लर

(D) महिपाल

(A) वसुमित्र (C) जयपाल

21. अफगानिस्तान के एक पहाड़ी इलाके ‘गोर’ के शासक ने अपने भाइयों की हत्या के बाद गजनी नगर को लूटा और इसे सात दिनों एवं रातों तक जलाकर बदला लिया जिस कारण उसे ‘जहांसोज’ ( विश्व दाहक ) की उपाधि मिली। इस शासक का नाम था-

(A) कुतुबुद्दीन मुहम्मद

(C) अलाउद्दीन हुसैन

(B) सैफुद्दीन

(D) गयासुद्दीन मुहम्मद

22. मोहम्मद गोरी जब भारत में अपने अंतिम अभियान, खोखरो के ‘विरुद्ध के बाद जीतकर लाहौर से गजनी जा रहा था, तो मार्च 1206 ई. में किस स्थान पर उसकी हत्या कर दी-

(A) भटिंडा

(C) दम्पक

(B) लाहौर

(D) उच्छ

23. 1206 ई. में गद्दी पर बैठने के बाद कुतुबुद्दीन ऐबक ने पंजाब और गजनी पर आक्रमण कर यल्दोज को हराया और गोरी के

कौनसे भतीजे से अपनी दासता का मुक्तिपत्र लिया?

(A) अलाउद्दीन शाह

(C) ताजुद्दीन गोरी

(B) गयासुद्दीन महमूद

(D) नासिरुदीन हसन

24. कौनसा शासक अपनी उदारता के कारण ‘लाखवरख्श’ (लाखों

में दान करने वाला) कहा गया तथा उसने अजमेर तथा दिल्ली में मस्जिद बनवाई तथा कुतुबुद्दीन का निर्माण प्रारम्भ करवाया ?

(A) मुहम्मद गोरी

(C) इल्तुतमिश

(B) कुतुबुद्दीन ऐबक

(D) रजिया सुल्तान

 

25. तराईन का प्रथम एवं द्वितीय युद्ध पृथ्वीराज चौहान एवं मोहम्मद 2-

गौरी के बीच हुआ था। 1215-16 ई. में तराइन का तृतीय युद्ध

किनके बीच हुआ?

(A) कुतुबुद्दीन ऐबक मलिक हसन

(B) इल्तुतमिश एवं याल्दूज

(C) रजिया सुल्तान मलिक अल्लूनिया

(D) इल्तुतमिश कुबाचा

 

Leave a Comment